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Showing posts from July, 2019

सावन : कुछ तथ्य

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सावन ,  हिन्दू धर्म का एक पवित्र महीना होता है | इस दौरान बहुत से  पर्व-त्यौहार मनाये जाते हैं और बहुत सारी चीज़ें परम्परावश की जाती हैं परन्तु उसका सही-सही कारण हमें पता नहीं होता है | इस लेख में सावन के कुछ ऐसी ही परम्पराओं का हम तार्किक ढंग से विश्लेषण कर रहे हैं |   झूले क्यों पड़ते हैं ? वैसे तो आजकल बहुत प्रकार के मकैनिकल और इलेक्ट्रिकल  झूले प्रचलन में हैं | विज्ञान और तकनीक के साथ इनका आकार-प्रकार और स्वरुप बदलता रहता है | मेरा मतलब यहाँ इन झूलों से न होकर परम्परागत झूलों से है | जिसे लोग अपने गाँव और मोहल्ले में पेड़ों की डाली पर रस्सी और लकड़ी के पटरे की सहायता से बनाते थे | दोनों किनारों पर दो लोग एक दुसरे को देखते हुए रस्सी पकड़ कर खड़े होते और बारी-बारी पैर से पेंग मार कर झूले को दोलन की भांति गतिमान रखते थे | जिसका प्रचलन अब समाप्त सा हो गया है | जो अब पुस्तकों के पन्नों तक ही सिमट कर रह गया है | सावन का महीना उमस भरा होता है | आप सावन के महीने में देखते होंगे कि हमारी शरीर से उत्सर्जित पसीना साधारणतया जल्दी नहीं सूखता | यह टपकता है | जि...

सुख दुःख का पैमाना

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happy तर्क प्रधान जीव  होने के कारण एक बड़ा साधारण सा प्रश्न  मनुष्य के  मस्तिष्क में जरुर आता है |  सुख क्या है ? सुखी कौन है ? इसके  माप का  पैमाना क्या है ? कैसे अधिकतम सुख प्राप्त किया जाए आदि आदि ? क्या जिसके पास बहुत पैसा है , वो सुखी है ? क्या जिसके पास बड़ी-बड़ी मोटर गाड़ियाँ हैं, वो सुखी है ? जो रोज हवाई जहाज से जब मन करे देश विदेश घूम रहा है, क्या वो बड़ा सुखी है ? क्या किसी देश का राष्ट्राध्यक्ष बहुत सुखी है ? क्या दुनिया के बड़े-बड़े उद्योगपति बहुत सुखी हैं ? ऐसे न जाने कितने अनगिनत प्रश्न लोगों के मष्तिस्क में उमड़ते घुमड़ते रहते हैं | क्या सही है , क्या गलत है , कितना सही है और कितना गलत है ? ये स्तर का प्रश्न बड़ा कठिन है | आइये इन सब बातों पर थोड़ी मीमांसा करते हैं : अवस्था       मनुष्य जन्म से लेकर मृत्यु तक विभिन्न प्रकार की अवस्थाओं और चरणों से गुजरता है | ये अवस्थाएं और चरण कभी निश्चित नहीं होते | ये सदैव संक्रमणीय होते हैं | अर्थात इनमें हमेशा गतिशीलता होती है | ये कभी ठहरती नहीं हैं |...

नींद नहीं आती है रातों में- Insomnia

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नींद  नहीं आती है रातों में-  Insomnia Insomnia नींद नहीं आती है रातों में, अरे यह तो प्रेम छे प्रेम छे प्रेम छे प्रेम छे | तो भईये मार पीट कर लें का ? अभी तो नींद आ ही नहीं रही है तब तो उड़ ही जाएगी | टेंसन और हो जाएगी | नींद फिर और नहीं आएगी | तो फंडा यह है गुरु कि कुछ भी करौ मगर टेंसन को दिमाग की कोठरी में जगह मत दो | हाँ भाई आजकल की एक बड़ी समस्या है लोगों को  नींद न आना | सबसे बड़ा कारण लोग तमाम समस्याओं से जूझ रहे हैं जिसकी वजह से दिमाग में तनाव 24 × 7 रहता भी है | लगभग हर आयु वर्ग इस समस्या से जूझ रहा है | ज्यादा इधर उधर की बातें न करते हुए मैं सीधे मुद्दे पर आता हूँ क्योंकि शब्दों की संख्या बढ़ाना उद्देश्य नहीं है | इसी लिए मैं यहाँ कोई शारीरिक और  रासायनिक प्रक्रिया का जिक्र नहीं करूँगा न ही मुझे इसका कोई ज्यादा   ज्ञान है | यह विशुद्ध रूप से अनुभव आधारित ज्ञान है | मेरा अनुभव यह है कि शरीर में एक संघर्ष चलता रहता है थकान और आराम के बीच | संघर्ष का अर्थ यह है कि एक बार थकान हावी होती है और एक बार आराम | जब थकान आपके ऊपर हावी हो जा...