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क्या भारत को ऐसे ही विश्वगुरु बनाया जाएगा?

 केवल राष्ट्र गान और राष्ट्र गीत से  कैसे भारत बदला जाएगा? केवल स्टेटस की खातिर फहराकर कैसे मान तिरंगे का रखा जाएगा? विचार करो, आचरण के अपने प्रत्येक बिंदु पर क्या भारत को ऐसे ही विश्वगुरु बनाया जाएगा? किससे क्या पूछें डर लगता है अब तो घर में कब आता जाता है कौन अपनी इज्जत अपने हाथ  सोच के रह जाते हैं मौन। रहे सुरक्षित अपना घर अपनी संतान पड़ोस का क्या, बंटे कटे टूटे चाहे पूरा हिंदुस्तान टूट रहे संबंधों को जो एकाकी हो रहे हैं आज गिरा रहे हो वसुधैव कुटुम्बकम की एका पर जो गाज सिध्द मन्त्र  ये कैसे आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा? केवल-------विश्वगुरु बनाया जाएगा? लोग यहां अजब गजब के गढ़ते किस्से कोई पाए या न पाए सब आ जाये बस अपने हिस्से तुम त्याग तपस्या भूल गए सब इतना स्वारथ कहाँ से लाये हो यह धरती कलाम, बुद्ध की है  कहो कहाँ से तुम आये हो कहते हो साधु खुद को और महलों में तुम रहते हो उस स्वारथ का क्या जिस स्वारथ से प्रवचन कहते हो इतनी कोमल काया से कैसे वज्र बनाया जाएगा? हे दधीचि,  मौन तोड़ अब तुम ही बोलो  हर मन मे बैठा स्वारथ का राक्षस किस वज्र से मारा जायगा?...

एक आलंबन

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complicated-world भटक  रहा है  पल-2 क्षण -2 मन ढूंढ रहा है एक  आलंबन ||   सत्य है क्या इस  जीव   जगत में कौन सा है सच्चा बंधन जो बात  बसी है जन-जन में या कोई  अदृश्य है कण में खोज रहा है जिसको  दर्शन भटक रहा .....एक आलंबन ||   क्यों भाग रहा है तृण -2 पल क्यों जाता है फिर आता है कल बीच फंसा रह जाता आज जाती सुबह है आती  सांझ कट जाता है यूँ ही भारी भरकम  जीवन भटक रहा ........आलंबन ||   जन्म मृत्यु सही हैं दोनों बीच भरा भ्रम का  सैलाब डूब रहा क्यों   जग जीवन इसमें इसका मिलता नहीं जवाब इस  भ्रम से मजबूत   न पाया  अब तक कोई बंधन भटक रहा ....आलंबन ||