एक आलंबन



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भटक रहा है 

पल-2 क्षण -2

मन ढूंढ रहा है

एक आलंबन ||

 

सत्य है क्या

इस जीव जगत में

कौन सा है

सच्चा बंधन

जो बात बसी है

जन-जन में

या कोई अदृश्य है

कण में

खोज रहा है

जिसको दर्शन

भटक रहा .....एक आलंबन ||

 

क्यों भाग रहा है

तृण-2 पल

क्यों जाता है

फिर आता है कल

बीच फंसा

रह जाता आज

जाती सुबह है

आती सांझ

कट जाता है यूँ ही

भारी भरकम जीवन

भटक रहा ........आलंबन ||

 

जन्म मृत्यु

सही हैं दोनों

बीच भरा

भ्रम का सैलाब

डूब रहा क्यों

 जग जीवन इसमें

इसका मिलता

नहीं जवाब

इस भ्रम से मजबूत न पाया 

अब तक कोई बंधन

भटक रहा ....आलंबन ||

 

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