क्या भारत को ऐसे ही विश्वगुरु बनाया जाएगा?
केवल राष्ट्र गान और राष्ट्र गीत से
कैसे भारत बदला जाएगा?
केवल स्टेटस की खातिर फहराकर
कैसे मान तिरंगे का रखा जाएगा?
विचार करो, आचरण के अपने प्रत्येक बिंदु पर
क्या भारत को ऐसे ही विश्वगुरु बनाया जाएगा?
किससे क्या पूछें डर लगता है अब तो
घर में कब आता जाता है कौन
अपनी इज्जत अपने हाथ
सोच के रह जाते हैं मौन।
रहे सुरक्षित अपना घर अपनी संतान
पड़ोस का क्या, बंटे कटे टूटे चाहे पूरा हिंदुस्तान
टूट रहे संबंधों को जो एकाकी हो रहे हैं आज
गिरा रहे हो वसुधैव कुटुम्बकम की एका पर जो गाज
सिध्द मन्त्र ये कैसे आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा?
केवल-------विश्वगुरु बनाया जाएगा?
लोग यहां अजब गजब के गढ़ते किस्से
कोई पाए या न पाए सब आ जाये बस अपने हिस्से
तुम त्याग तपस्या भूल गए सब इतना स्वारथ कहाँ से लाये हो
यह धरती कलाम, बुद्ध की है कहो कहाँ से तुम आये हो
कहते हो साधु खुद को और महलों में तुम रहते हो
उस स्वारथ का क्या जिस स्वारथ से प्रवचन कहते हो
इतनी कोमल काया से कैसे वज्र बनाया जाएगा?
हे दधीचि, मौन तोड़ अब तुम ही बोलो
हर मन मे बैठा स्वारथ का राक्षस किस वज्र से मारा जायगा?
केवल -------विश्वगुरु बनाया जाएगा?
लाख कोशिशें हो गयी हैं, सब मंचों पर कहते भी हैं
हर गली मोहल्ले चौराहे पर साथ-साथ में रहते भी हैं
पर हिन्दू मुस्लिम दलित सवर्ण का लिए टिकट
दंगे की ओलम्पिक में जीत की खातिर लड़ते भी हैं
वाह भारत के वीर जवानों ऐसे ही देश बचाया जाएगा
सरदार के सपनों का भारत ऐसे ही तोड़ बनाया जाएगा
धर्म जाति की जेहादी कुर्बानी जो देते हो दंगों को
बोलो भारत के अमर सपूतों क्या इसीलिए चूमा था फांसी के फंदों को
क्या भारत को ऐसे ही एक सूत्र में बांधा जाएगा?
केवल राष्ट्र गान और राष्ट्र गीत से
कैसे भारत बदला जाएगा?
केवल स्टेटस की खातिर फहराकर
कैसे मान तिरंगे का रखा जाएगा?
विचार करो, आचरण के अपने प्रत्येक बिंदु पर
क्या भारत को ऐसे ही विश्वगुरु बनाया जाएगा?
Nice bhaiya
ReplyDeletethnx bro
DeleteNice
ReplyDeletethanx
DeleteFantastic dear keep it up,
ReplyDeletethank you, very much..
DeleteBahut khub sir
ReplyDeletedhanyawad..
DeleteVery good
ReplyDeleteabhar..
Deleteबहुत सुंदर 🌷💐
ReplyDeletethank you sir..
DeleteVery nice
ReplyDeletethnx..
Deleteवर्तमान परिप्रेक्ष्य में अतिसुंदर सामयिक आलोचनात्मक रचना। माता शारदे की कृपा आप पर सदा बरसती रहे और आपकी लेखनी से ऐसे ही सुंदर निर्झर धारा निर्झरित होती रहे।
ReplyDeleteआपकी टिपण्णी के लिए बहुत बहुत धन्यवाद..यह आशीर्वाद स्वरुप है |
Deleteबहुत सुन्दर ..
ReplyDeleteबहुत बहुत आभार एवं धन्यवाद |
Deleteअखिलेश
ReplyDeleteमाटी के लाल
सटीक वर्णन किया आपने
Very nice sir
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